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Showing posts from April, 2021

जीवन के विभिन्न आयामों में गौरवशाली बिहार की विभूतियाँ |

  1. तकनिकी  2. गणितज्ञ  आर्यभट्ट   वशिष्ठ नारायण सिंह   आनंद कुमार  2. संगीत भारत रत्न - उस्ताद बिस्मिल्लाह खां  मशहूर हिंदी सिनेमा पार्श्व गायक - उदित नारायण  3. धर्म जैन धर्म के संस्थापक - भगवान महावीर  4. शिक्षा 5. शासन 6. राजनीति -  भारत भारत रत्न - डॉ. राजेंद्र प्रसाद  भारत रत्न - विधान चंद्र रॉय  7.  राजनीति -  वैश्विक सर अनिरुद्ध जगन्नाथ - मारीशस के पूर्व राष्ट्रपति  कैलाश पुरयाग   - मारीशस के पूर्व राष्ट्रपति  परमानन्द झा - नेपाल के पहले उपराष्ट्रपति  शिवसागर रामगुलाम - मारीशस के पहले प्रधानमंत्री  बासदेव पाण्डेय - टोबैगो और त्रिनिदाद के पूर्व प्रधानमंत्री  कमला प्रसाद बिसेसर - टोबैगो और त्रिनिदाद की प्रथम महिला प्रधानमंत्री  7. साहित्य कवी कोकिल - विद्यापति  राजा राधिका रमन प्रसाद सिन्हा  आचार्य रामलोचन सरण  राष्ट्रकवि  रामधारी सिंह 'दिनकर' आचार्य शिवपूजन सहाय  फणीश्वर नाथ 'रेणु' रामबृक्ष बेनीपुरी  बाबा न...

आर्यभट्ट

आर्यभट  (४७६-५५०) प्राचीन  भारत  के एक महान  ज्योतिषविद्  और  गणितज्ञ  थे। इन्होंने  आर्यभटीय  ग्रंथ की रचना की जिसमें ज्योतिषशास्त्र के अनेक सिद्धांतों का प्रतिपादन है।  इसी ग्रंथ में इन्होंने अपना जन्मस्थान कुसुमपुर और जन्मकाल शक संवत् 398 लिखा है।  बिहार  में वर्तमान  पटना  का प्राचीन नाम कुसुमपुर था | ऐसा  भी माना  जाता है की आर्यभट्ट नालंदा विश्वविद्यालय के कुलपति भी रहे होंगे |  आर्यभट द्वारा रचित तीन ग्रंथों की जानकारी आज भी उपलब्ध है। दशगीतिका,  आर्यभटीय  और तंत्र। लेकिन जानकारों के अनुसार उन्होने और एक ग्रंथ लिखा था- आर्यभट सिद्धांत। इस समय उसके केवल ३४ श्लोक ही उपलब्ध हैं। उनके इस ग्रंथ का सातवे शतक में व्यापक उपयोग होता था। लेकिन इतना उपयोगी ग्रंथ लुप्त कैसे हो गया इस विषय में कोई निश्चित जानकारी नहीं मिलती। [ उन्होंने  आर्यभटीय  नामक महत्वपूर्ण ज्योतिष ग्रन्थ लिखा, जिसमें  वर्गमूल ,  घनमूल ,  समान्तर श्रेणी  तथा विभिन्न प्रकार के  समीकरणों  क...